1 Part
252 times read
20 Liked
शिवरात्रि अखण्ड प्रचण्ड रुप तेरा असुरो का तू संहारी जटाओ में तेरे गंगा की धारा नंदी की है सवारी तू अविचल तू ही अविनाशी तू शक्ति तू भक्ति हे शिव शम्भू ...